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लाड़ली बहना योजना में नाम जुड़वाने के नाम पर ठगी का आरोप, ग्रामीण महिलाओं को बनाया जा रहा निशाना

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रोहित विश्वकर्मा, जबलपुर। लाड़ली बहना योजना में नया नाम जुड़वाने और फॉर्म भरवाने के नाम पर महिलाओं से पैसे मांगने के मामले सामने आ रहे हैं। आरोप है कि कुछ लोग महिलाओं को योजना में नाम जुड़वाने का झांसा देकर उनसे करीब 1500 रुपए तक वसूल रहे हैं। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों और निचली बस्तियों की महिलाओं को निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है।

इन मामलों में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुराने वीडियो का भी इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि पुराने वीडियो को एडिट कर इस तरह प्रसारित किया जा रहा है, जिससे यह लगे कि लाड़ली बहना योजना में नए आवेदन जल्द शुरू होने वाले हैं। जबकि महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभी नए आवेदन की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।

पुराने वीडियो से महिलाओं को किया जा रहा भ्रमित

बताया जा रहा है कि कुछ लोग महिलाओं से सीधे संपर्क कर योजना में नया नाम जुड़वाने और फॉर्म भरवाने के नाम पर पैसे मांग रहे हैं। सोशल मीडिया पर प्रसारित पुराने वीडियो और बयानों को ताजा जानकारी के तौर पर पेश कर महिलाओं का भरोसा जीतने की कोशिश की जा रही है।

ग्रामीण क्षेत्रों और निचली बस्तियों में रहने वाली कई महिलाएं योजना की प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं होने के कारण ऐसे दावों के झांसे में आ रही हैं।

जांच के लिए विभाग के दफ्तर पहुंचीं महिलाएं

इस मामले को लेकर कई महिलाएं महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय पहुंचकर जानकारी ले रही हैं। इंदौर की भूरी टेकरी निवासी शिवानी ने बताया कि एक कंप्यूटर दुकान संचालक ने उनसे योजना का फॉर्म भरने की बात कही थी। शक होने पर उन्होंने विभाग के कार्यालय पहुंचकर इसकी जानकारी ली।

इसी तरह ज्योति रावत ने भी अपने साथ ठगी होने की बात बताई। उनके मुताबिक, पहले जाति प्रमाण पत्र के नाम पर उनसे पैसे लिए गए थे और अब लाड़ली बहना योजना के नाम पर भी रकम ली गई।

विभाग ने कहा- नए आवेदन अभी शुरू नहीं

महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी रजनीश सिंह ने स्पष्ट किया कि लाड़ली बहना योजना के तहत नए आवेदन की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। फिलहाल योजना में पहले से पंजीकृत पात्र महिलाओं को ही राशि दी जा रही है। यह राशि हर महीने 1500 रुपए है।

विभाग की ओर से महिलाओं को सलाह दी गई है कि योजना से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए आधिकारिक माध्यमों पर ही भरोसा करें और सोशल मीडिया पर वायरल पुराने वीडियो या संदेशों के आधार पर किसी को पैसे न दें।

निजी जानकारी साझा करने से भी बचें

योजना के नाम पर होने वाली ठगी में सिर्फ पैसे गंवाने का ही खतरा नहीं है। ठग बैंक संबंधी जानकारी या आधार जैसी निजी जानकारी भी मांग सकते हैं। ऐसी जानकारी साझा करने से साइबर ठगी का जोखिम बढ़ सकता है।

इसलिए किसी भी सरकारी योजना में आवेदन या नाम जुड़वाने के नाम पर पैसे मांगने वाले व्यक्ति से सावधान रहने और पहले संबंधित विभाग से जानकारी की पुष्टि करने की जरूरत है।

lokvaad@
Author: lokvaad@

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