रोहित विश्वकर्मा, जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित डुमना एयरपोर्ट की नई टर्मिनल बिल्डिंग में बारिश के दौरान पानी टपकने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। गेट के पास फर्श गीला और फिसलन भरा होने के कारण एयरपोर्ट प्रबंधन को मेन गेट डी-1 बंद करना पड़ा। यात्रियों की आवाजाही डी-2 गेट से कराई गई।
यात्रियों को सावधानी बरतने के लिए मुख्य गेट के पास ‘फर्श गीला है, संभलकर चलें’ लिखा चेतावनी बोर्ड भी लगाया गया।
एयरपोर्ट प्रभारी डायरेक्टर नीरज कुमार के मुताबिक, बारिश के कारण कैनोपी में पानी भर गया था। कैनोपी की रिपेयरिंग का काम चल रहा है। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए डी-1 गेट बंद कर डी-2 गेट से आवाजाही कराई जा रही है।
करीब 450 करोड़ रुपए की लागत से बनी नई टर्मिनल बिल्डिंग की व्यवस्थाओं को लेकर वायु सेवा संघर्ष समिति ने सवाल उठाए हैं। समिति अध्यक्ष हिमांशु खरे ने एयरपोर्ट के निर्माण और मौजूदा व्यवस्थाओं की उच्चस्तरीय जांच और ऑडिट की मांग की है। उनका कहना है कि एयरपोर्ट किसी भी शहर की पहली छवि बनाता है, ऐसे में यात्रियों को प्रवेश के समय गीले फर्श और टपकते पानी का सामना करना गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने एयरपोर्ट की सुविधाओं और रैंकिंग पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक, हालिया कस्टमर सेटिस्फेक्शन इंडेक्स में जबलपुर एयरपोर्ट को देशभर में 22वां स्थान मिला है।
डुमना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन, एटीसी टावर और फायर स्टेशन समेत आधुनिकीकरण का काम दिल्ली की मेसर्स एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को दिया गया था। करीब 1.15 लाख वर्गफुट में बने टर्मिनल भवन में तीन एयरोब्रिज, आधुनिक बैगेज स्क्रीनिंग सिस्टम, फूड कोर्ट और 250 से अधिक कारों एवं बसों की पार्किंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
एयरपोर्ट प्रभारी डायरेक्टर नीरज कुमार के अनुसार, जून 2024 में फैब्रिक कैनोपी गिरने की घटना की जांच जारी है। एनकेजी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई भी मुख्यालय स्तर पर चल रही है। फिलहाल कैनोपी की रिपेयरिंग का काम दूसरी कंपनी को दिया गया है। इसी कैनोपी में बारिश के दौरान पानी भरने और टपकने की समस्या सामने आई है।
गौरतलब है कि 27 जून 2024 को भारी बारिश के दौरान ड्रॉप एंड गो एरिया की फैब्रिक कैनोपी का एक हिस्सा गिर गया था। यह हिस्सा वहां खड़ी आयकर विभाग के एक अधिकारी को लेने आई कार पर गिरा, जिससे कार क्षतिग्रस्त हो गई थी। अधिकारी और ड्राइवर हादसे से कुछ मिनट पहले ही कार से उतरकर टर्मिनल के अंदर चले गए थे।
डुमना एयरपोर्ट के विस्तार के बाद यहां से उड़ानों की संख्या बढ़ने का दावा किया गया था। फिलहाल एयरपोर्ट से सात फ्लाइट संचालित हो रही हैं, जिनमें इंदौर, हैदराबाद, दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु की उड़ानें शामिल हैं। बिलासपुर और जगदलपुर की फ्लाइट फिलहाल बंद हो चुकी हैं।




