जबलपुर। (मध्यप्रदेश) – नगर निगम में कार्यरत ठेका सफाई कर्मचारियों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। बीते चार माह से वेतन न मिलने से आक्रोशित सफाई कर्मचारियों ने गुरुवार 18 सितंबर की सुबह कामकाज ठप कर रांझी की सड़कों पर कचरा फैला दिया। इससे पूरे क्षेत्र की सफाई व्यवस्था चरमरा गई और स्थिति बिगड़ने लगी।
आंदोलनकारी कर्मचारियों ने मस्ताना चौक से लेकर दर्शन सिंह तिराहे तक कचरा वाहनों को रोककर सड़क पर कचरा पलट दिया। देखते ही देखते पूरा क्षेत्र गंदगी से भर गया और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हंगामे की सूचना पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हालात को काबू करने का प्रयास किया।
इधर, नगर निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की नींद तब खुली जब सड़कों पर कचरे के ढेर लग गए। निगम अधिकारियों और एमआईसी मेंबर दामोदर सोनी मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया। अंततः सफाई कर्मियों को लिखित आश्वासन दिया गया कि आगामी मंगलवार तक उनके चार माह का लंबित वेतन भुगतान कर दिया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक रांझी क्षेत्र में लगभग 150 सफाई कर्मचारी ठेका कंपनी के अधीन काम कर रहे हैं। नगर निगम ने हाल ही में उक्त कंपनी का टेंडर निरस्त कर दिया था, जिसके विरोध में कंपनी ने कोर्ट का रुख किया। इस बीच सफाई कर्मियों से लगातार काम तो लिया जा रहा था, लेकिन वेतन भुगतान को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई। इसी के चलते कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा।
हालांकि निगम प्रशासन ने आश्वासन देकर फिलहाल स्थिति को संभाल लिया है, लेकिन कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा में वेतन नहीं मिला तो वे और बड़ा आंदोलन करेंगे।
इस घटना ने एक बार फिर नगर निगम और ठेका व्यवस्था की खामियों को उजागर कर दिया है, जिससे सबसे ज्यादा प्रभावित आमजन हो रहे हैं।


