प्रदेश के नगर निगमों के बाद अब नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में भी ई-फाइल व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। नगरीय निकाय विभाग इस व्यवस्था को निकाय स्तर तक विस्तारित करने की दिशा में काम कर रहा है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, भवन अनुज्ञा, नामांतरण, संपत्ति से जुड़े मामलों समेत नागरिक आवेदनों और प्रशासनिक प्रकरणों की फाइलें ऑनलाइन तैयार होकर संबंधित शाखाओं और अधिकारियों तक भेजी जा सकेंगी।
इससे कागजी फाइलों पर होने वाला खर्च कम होने की उम्मीद है। दी गई जानकारी के अनुसार, इससे हर माह करीब 5 लाख रुपए की स्टेशनरी बचने की संभावना है।
30 हजार नई फाइलें ऑनलाइन होंगी
प्रदेश के 16 नगर निगमों में पहले से ई-फाइल व्यवस्था के जरिए चार लाख से अधिक फाइलों का ऑनलाइन मूवमेंट हो रहा है। वहीं करीब 30 हजार नई फाइलें ऑनलाइन तैयार की जा रही हैं। नागरिकों और अन्य विभागों से मिले आवेदन और दस्तावेजों को स्कैन कर ई-फाइल के साथ ऑनलाइन आगे भेजा जा रहा है।
अब इसी व्यवस्था को नगर पालिका और नगर परिषदों तक पहुंचाने की तैयारी है।
एक क्लिक में मिलेगा फाइल का पूरा रिकॉर्ड
ई-फाइल व्यवस्था में किसी आवेदन की फाइल फिलहाल किस अधिकारी या शाखा के पास है, इसकी जानकारी ऑनलाइन देखी जा सकेगी। फाइल किस स्तर पर कितने समय तक रही, किस अधिकारी ने उसे आगे बढ़ाया और वर्तमान में कहां लंबित है, इसका रिकॉर्ड भी उपलब्ध रहेगा।
इससे लंबित प्रकरणों की निगरानी आसान होने की उम्मीद है।
नागरिकों को भी मिलेगी सुविधा
ऑनलाइन व्यवस्था शुरू होने के बाद नागरिक अपने आवेदन की स्थिति देख सकेंगे। फाइल किस अधिकारी या शाखा के पास है, इसकी जानकारी भी मिल सकेगी। दस्तावेजों की बार-बार प्रतियां लगाने की जरूरत कम होगी और कागजी फाइलों के गुम होने की आशंका भी घटेगी।
साथ ही फाइल की जानकारी लेने और उसे तलाशने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने में लगने वाला समय भी कम हो सकता है।






