मध्यप्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को 24 सितंबर से 23 अक्टूबर 2026 तक बिजली बिल में एफपीपीएएस के रूप में अतिरिक्त राशि चुकानी होगी। बिजली वितरण कंपनियों ने फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज यानी एफपीपीएएस की दर 4.59 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.063 प्रतिशत की है।
यह शुल्क पूरे बिजली बिल पर नहीं, बल्कि केवल ऊर्जा शुल्क पर लगाया जाएगा। फिक्स्ड चार्ज, मीटर शुल्क, लागू सब्सिडी और अन्य समायोजन अलग से बिल में शामिल होंगे। इसलिए अंतिम बिल की राशि उपभोक्ता की श्रेणी और कुल खपत के अनुसार अलग हो सकती है।
दिए गए उदाहरण के अनुसार, 300 यूनिट पर ₹1,576.50 के ऊर्जा शुल्क पर 5.063 प्रतिशत एफपीपीएएस करीब ₹79.82 होगा। वहीं 500 यूनिट पर ₹3,024.50 के ऊर्जा शुल्क पर करीब ₹153.23 एफपीपीएएस जुड़ेगा।
बिजली विभाग के जानकार राजेंद्र अग्रवाल के मुताबिक, एफपीपीएएस ईंधन और बिजली खरीदी की लागत में होने वाले बदलाव के आधार पर तय होता है। उनके अनुसार मार्च में इसकी दर -0.63 प्रतिशत थी, जो बढ़कर अब 5.06 प्रतिशत हो गई है।
बिजली कंपनियों के अनुसार यह बिजली की मूल टैरिफ दर में स्थायी बढ़ोतरी नहीं है। एफपीपीएएस की दर की अगले महीने फिर समीक्षा की जाएगी।





