नई व्यवस्था के लागू होने के बाद इसकी जमीनी निगरानी और कार्रवाई अहम होगी
जबलपुर। जिले में रेत, गिट्टी, मुरम, मिट्टी और एम-सैंड समेत अन्य खनिजों की ढुलाई करने वाले 400 से अधिक वाहनों पर RFID टैग लगाना अनिवार्य किया गया है। वाहन संचालकों को टैग लगवाने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है। निर्धारित अवधि के बाद बिना RFID टैग वाले वाहनों के ट्रांजिट पास (TP) को अमान्य माना जाएगा।
खनिज विभाग के अनुसार, RFID व्यवस्था के जरिए खदान से लेकर गंतव्य तक खनिज परिवहन में लगे वाहनों की पहचान और निगरानी आसान होगी।
जिले में खनिज परिवहन में डंपर और हाईवा समेत बड़ी संख्या में वाहन लगे हैं। खबर में यह भी उल्लेख है कि जांच के दौरान कुछ वाहनों की नंबर प्लेट हटाकर नाकों से बचने की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसी स्थिति में वाहनों की पहचान और परिवहन संबंधी जानकारी का सत्यापन चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
वाहन संचालक RFID टैग के लिए ई-चेक गेट की वेबसाइट के माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं। इसके लिए वाहन पंजीयन और आधार से संबंधित जानकारी देने की बात कही गई है। ऑनलाइन प्रक्रिया में परेशानी होने पर खनिज विभाग के कार्यालय से जानकारी लेने की बात भी दी गई है।
जिला खनिज अधिकारी सतीश मिश्रा के अनुसार, खनिज परिवहन करने वाले वाहनों के लिए RFID टैग अनिवार्य किया गया है और इसके आदेश जारी कर दिए गए हैं। वाहन संचालकों को 30 दिन का समय दिया गया है।
अब निगरानी इस बात पर रहेगी कि समयसीमा पूरी होने के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर विभाग किस तरह कार्रवाई करता है।

