जबलपुर, रेलवे में टिकट जांच व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने की दिशा में नई पहल की जा रही है। अब टिकट चेकिंग के दौरान टीसी के बॉडी कैमरे से निगरानी होगी। कैमरे में जांच के दौरान होने वाली बातचीत और घटनाओं की रिकॉर्डिंग की जाएगी। इसके साथ ही टीसी के लिए हाईटेक स्पेशल जैकेट भी तैयार की गई है। नई व्यवस्था के तहत टिकट चेकिंग के दौरान टीसी द्वारा की जाने वाली कार्रवाई बॉडी कैमरे में रिकॉर्ड होगी। इसमें यात्रियों से बातचीत और जांच के दौरान होने वाली गतिविधियां रिकार्ड की जाएंगी। इससे टिकट जांच के दौरान होने वाले विवादों की स्थिति में रिकॉर्डिंग को तथ्य के रूप में देखा जा सकेगा। टीसी के लिए तैयार की जा रही स्पेशल जैकेट को हाईटेक सुविधाओं से लैस किया गया है। इसमें एचएचटी, ईएफटी मशीन, पहचान पत्र और नेम प्लेट रखने की सुविधा होगी। इससे टिकट जांच के दौरान टीसी को जरूरी उपकरण व्यवस्थित तरीके से साथ रखने में आसानी होगी।
यात्रियों और टीसी दोनों के लिए सुरक्षा
रेलवे की इस पहल का उद्देश्य टिकट जांच व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। कैमरे की रिकॉर्डिंग होने से यात्रियों और टिकट चेकिंग स्टाफ दोनों के व्यवहार पर निगरानी रहेगी। विवाद की स्थिति में रिकॉर्डिंग से वास्तविक घटनाक्रम स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है। बॉडी कैमरे की मौजूदगी से टिकट चेकिंग के दौरान विवाद की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। यात्रियों को भी यह भरोसा रहेगा कि जांच प्रक्रिया रिकॉर्ड हो रही है। वहीं टीसी के लिए भी कैमरा गलत आरोपों की स्थिति में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकता है। इस तरह रेलवे की पहल निश्चित रूप से लोगों के काम आएगी।
क्या होता है बॉडी वार्न कैमरा
बॉडी वार्न कैमरा एक छोटा पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है। इसे सुरक्षाकर्मी या पुलिस अधिकारी अपनी वर्दी की जेब, कॉलर या कंधे पर पहनते हैं। यह जनता के साथ होने वाली बातचीत और घटनाओं की स्पष्ट ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग करता है, जो बाद में कानूनी मामलों में पुख्ता सबूत बनती है। इसकी मदद से वाई-फाई या जीपीएस की मदद से कंट्रोल रूम को सीधे लाइव वीडियो फीड भेजा जा सकता है।




