जबलपुर स्थित मेडिकल यूनिवर्सिटी के विभाजन और उज्जैन में नई मेडिकल यूनिवर्सिटी के गठन को लेकर कानूनी और सियासी हलचल तेज हो गई है। मामला हाई कोर्ट में विचाराधीन होने के बावजूद नई यूनिवर्सिटी के कुलगुरु (कुलपति) पद के लिए शुरू की गई नियुक्ति प्रक्रिया पर आपत्ति दर्ज कराई गई है।
याचिकाकर्ता डॉ. पीजी नाजपांडे और रजत भार्गव ने राज्यपाल के उपसचिव को आधिकारिक पत्र भेजकर कुलगुरु पद के लिए जारी आवेदन आमंत्रण सूचना पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। इस आपत्ति की प्रतियां शासन के संबंधित विभागों को भी प्रेषित की गई हैं।
आपत्तिकर्ताओं का तर्क है कि 21 अगस्त को राजपत्र में अधिसूचना जारी कर मेडिकल यूनिवर्सिटी के विभाजन का निर्णय लिया गया था, जिसे उन्होंने हाई कोर्ट में चुनौती दी है। इस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने 15 सितंबर को जनहित याचिका को विचारार्थ स्वीकार किया था और शासन को चार सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के नोटिस जारी किए हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मामला अदालत में लंबित होने के कारण नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगनी चाहिए।


