जबलपुर मेडिकल कॉलेज का मुख्य अस्पताल भवन करीब 70 साल से अधिक पुराना हो चुका है और इसकी जर्जर स्थिति अब मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रही है। पिछले माह सर्जरी वार्ड नंबर 4 और 5 में छत का हिस्सा गिरने की घटना सामने आई थी। गनीमत रही कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। मानसून के दौरान अस्पताल के करीब आठ वार्डों में छत से पानी टपकने की समस्या बताई गई है। इसके चलते कई बार मरीजों को दूसरे बेड पर शिफ्ट करना पड़ता है। अस्पताल की बिजली वायरिंग भी कई दशक पुरानी बताई गई है और शॉर्ट सर्किट की घटनाएं होने की जानकारी सामने आई है।
पीडब्ल्यूडी की ओर से भवन को ‘अति जर्जर’ घोषित किए जाने और मरम्मत के बजाय नए निर्माण का सुझाव दिए जाने की बात कही गई है। इसके बावजूद नए भवन का इंतजार लंबा होता जा रहा है। इसी बीच जर्जर भवन को अस्थायी रूप से सुरक्षित रखने के लिए कमजोर हिस्सों में लोहे की गर्डर और सपोर्ट लगाए जा रहे हैं। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, मेडिसिन, सर्जरी और आर्थोपेडिक वार्ड के कई पिलर कमजोर हो चुके हैं। ऐसे में छत का भार कम करने और भवन को सहारा देने के लिए गर्डर लगाई जा रही हैं।
हालांकि, चिकित्सकों के अनुसार यह व्यवस्था स्थायी समाधान नहीं है। लंबे समय से नए मेडिकल कॉलेज भवन और अत्याधुनिक अस्पताल के निर्माण की योजना पर काम चल रहा है, लेकिन शासन स्तर पर स्वीकृति, बजट और टेंडर प्रक्रिया में देरी के कारण परियोजना अभी आगे नहीं बढ़ सकी है। प्रस्तावित नए भवन का निर्माण मौजूदा परिसर में ही किए जाने की योजना है। इसमें विभिन्न विभागों के साथ आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, कैजुअल्टी और रिसर्च लैब जैसी सुविधाएं एकीकृत रूप से उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है।
नए भवन की डीपीआर में लागत, डिजाइन और जमीन के उपयोग को लेकर तकनीकी स्तर पर बदलाव और आपत्तियों की जानकारी सामने आई है। प्रस्तावित नए डिजाइन के अनुसार अस्पताल भवन नौ मंजिला होगा और पार्किंग बेसमेंट में रखने की योजना है।
नए डिजाइन के अनुरूप मेडिकल कॉलेज अस्पताल भवन का निर्माण प्रस्तावित है और इसमें अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि इस दिशा में जल्द कार्य शुरू होने की उम्मीद है।नए डिजाइन के अनुरूप कालेज अस्पताल भवन नौ मंजिला होगा और पार्किंग बेसमेंट में होगी। एक ही छत के लिए सारी अत्याधुनिक सुविधाएं मरीजों को मिलेगी। एक बड़ा प्रोजेक्ट आकार लेने जा रहा है। जल्द ही इस दिशा में कार्य आरंभ होगा।
डॉक्टर, नवनीत सक्सेना, डीन, मेडिकल कॉलेज





