भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच जहां लोग घरों से निकलने में भी हिचकिचा रहे हैं, वहीं मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी रेलवे स्टेशन पर मानव सेवा का एक प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिल रहा है। अखिल विश्व गायत्री परिवार एवं स्थानीय सेवाभावी नागरिकों द्वारा यात्रियों के लिए लगातार “शीतल जल सेवा अभियान” चलाया जा रहा है, जो इस तपती गर्मी में यात्रियों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आया है।

इटारसी और नागपुर रूट से गुजरने वाली ट्रेनों के घोड़ाडोंगरी स्टेशन पहुंचते ही सेवा में जुटे युवा और सामाजिक कार्यकर्ता प्लेटफॉर्म पर पहुंचकर यात्रियों को ठंडा और शुद्ध पानी उपलब्ध करा रहे हैं। ट्रेन की खिड़कियों से यात्री अपनी खाली बोतलें बाहर बढ़ाते हैं और सेवा दल के सदस्य उन्हें आरओ का ठंडा पानी भरकर देते हैं। तेज गर्मी में यह सेवा यात्रियों के चेहरों पर राहत और संतोष की मुस्कान ला रही है।
यात्रियों ने की सेवा भावना की सराहना
कई यात्रियों ने इस पहल की खुलकर प्रशंसा की। यात्रियों का कहना है कि जब सफर के दौरान भीषण गर्मी में ठंडा पानी मिल जाता है, तो यात्रा काफी सहज हो जाती है। यात्रियों ने इसे मानवता और सेवा भावना का जीवंत उदाहरण बताया।
सेवा कार्य में जुटे कार्यकर्ताओं का कहना है कि “प्यासे को पानी पिलाने से बड़ा कोई पुण्य नहीं।” इसी सोच के साथ नगर के अनेक युवा और सामाजिक संगठन इस अभियान से जुड़ते जा रहे हैं। गायत्री परिवार के सदस्यों के अनुसार यह अभियान आगामी 17 जून तक लगातार जारी रहेगा, ताकि गर्मी के दिनों में यात्रियों को राहत मिलती रहे।
समाजसेवियों और नागरिकों का मिल रहा सहयोग
इस सेवा अभियान में केवल श्रमदान ही नहीं बल्कि आर्थिक सहयोग भी बड़ी संख्या में मिल रहा है। नगर के कई परिवार और समाजसेवी आरओ पानी, बर्फ और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहे हैं।
अभियान में प्रमुख रूप से सुनील मालवीय, अनुराग अग्रवाल, अनिल शर्मा, दीपांशु पवार सहित अनेक युवा सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वहीं महेंद्र पांडे, अध्यक्ष मित्र मंडल, कुश अवस्थी, नितिन अग्रवाल, राहुल अग्रवाल, राहत पवार, लकी मड़ाविया, नीरज सिनोटिया समेत अन्य सहयोगियों की सहभागिता भी सराहनीय रही।
मानव सेवा का प्रेरणादायक संदेश
भीषण गर्मी के बीच चलाया जा रहा यह अभियान केवल पानी बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक संवेदनशीलता, सेवा और मानवता का मजबूत संदेश भी दे रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और दूसरों को भी मानव सेवा के लिए प्रेरित करते हैं।



